श्री राम स्तुति

10 पूरे स्तोत्र — ओरिजिनल

जय श्री राम जय जय श्री राम

जय श्री राम जय जय श्री राम
रघुकुल तिलक, अयोध्या के राजा ॥
सीता पति, जानकी वल्लभ
दशरथ नंदन, कौसल्या के लाला ॥
वनवास गए, रावण संहारा
लंका जलाई, सीता को लाए ॥
रघुपति राघव राजा राम
मेरे मन मंदिर में वास करो ॥
हनुमान जी के प्रभु, सुग्रीव के साथी
विभीषण को गले लगाया ॥
राम नाम जपो, मनवा राम नाम
दुख-दरिद्र सब मिट जाएँगे ॥
जय सिया राम, जय जय सिया राम
अयोध्या में बस जाएँगे ॥
राम लला हम सबके प्यारे
जय श्री राम, जय जय श्री राम ॥

रघुपति राघव राजा राम

रघुपति राघव राजा राम
पतित पावन सीता राम ॥
इक्ष्वाकु वंश के दीपक
मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु ॥
वन में बिताए चौदह वर्ष
ऋषियों का किया सम्मान ॥
शबरी के बेर चखे प्रभु
केवट की नाव चलाई ॥
हनुमान जी से मिले प्रभु
लंका पर चढ़ाई की ॥
जय श्री राम, जय जय श्री राम
सीता राम, जय सीता राम ॥
राम नाम की ज्योत जला लो
मन मंदिर में दीप जला लो ॥
जय रघुनंदन, जय दशरथ नंदन
मेरे प्रभु, मेरे राम ॥

सीता राम सीता राम

सीता राम सीता राम
सीता राम कहो जपो ॥
जानकी नाथ, रघुनाथ प्रभु
दंपति रूप में वास करो ॥
अयोध्या में राजतिलक हुआ
भरत ने चरण पखारे ॥
लक्ष्मण जी ने सेवा की
शत्रुघ्न ने साथ निभाया ॥
राम राज्य में सब सुखी
कोई दुखी न रहा कोई ॥
राम नाम का गुण गाओ
भवसागर से पार लगाओ ॥
जय सिया राम, जय जय सिया राम
मेरे मन मंदिर में वास करो ॥
राम लला हम सबके प्यारे
जय श्री राम, जय जय श्री राम ॥

राम नाम की महिमा

राम नाम की महिमा, अपरंपार है
जपने से मिले भगवान ॥
अजामिल को तारा गया
गणिका को मोक्ष मिला ॥
हनुमान जी ने जपा राम
लंका पर विजय पाई ॥
विभीषण ने शरण ली
राम ने गले लगाया ॥
राम नाम जपो दिन रात
भूल न जाना कभी ॥
जय श्री राम, जय जय श्री राम
सीता राम, जय सीता राम ॥
राम लला मंदिर में विराजे
अयोध्या में धूम मची ॥
जय रघुनंदन, जय दशरथ नंदन
मेरे प्रभु, मेरे राम ॥

अयोध्या के राजा राम

अयोध्या के राजा राम
रघुवंश के दीपक प्रभु ॥
सीता मइया के पति
दशरथ जी के लाला ॥
कौसल्या मइया ने जन्म दिया
विश्वामित्र जी संग गए ॥
ताड़का का वध किया
अहिल्या को तारा ॥
धनुष तोड़ा, सीता पाई
परशुराम को हराया ॥
जय श्री राम, जय जय श्री राम
मेरे मन मंदिर में वास करो ॥
राम नाम जपो, मनवा राम नाम
दुख-दरिद्र सब मिट जाएँगे ॥
जय सिया राम, जय जय सिया राम
अयोध्या में बस जाएँगे ॥

राम लला हम सबके प्यारे

राम लला हम सबके प्यारे
अयोध्या में विराजमान ॥
मंदिर में झूले झूलें
भक्तों का मन हर लें ॥
हनुमान जी की सेवा में
सीता मइया की कृपा में ॥
लक्ष्मण जी की रक्षा में
भरत जी की भक्ति में ॥
राम राज्य की जय बोलो
राम नाम की जय बोलो ॥
जय श्री राम, जय जय श्री राम
सीता राम, जय सीता राम ॥
राम लला का दरबार सजा
भक्तों का मेला लगा ॥
जय रघुनंदन, जय दशरथ नंदन
मेरे प्रभु, मेरे राम ॥

रामचंद्र भगवान की जय

रामचंद्र भगवान की जय
सीता मइया की जय ॥
हनुमान जी की जय
लक्ष्मण जी की जय ॥
भरत शत्रुघ्न की जय
अयोध्या धाम की जय ॥
राम नाम जपो दिन रात
भूल न जाना कभी ॥
राम राज्य में सब सुखी
कोई दुखी न रहा कोई ॥
जय श्री राम, जय जय श्री राम
मेरे मन मंदिर में वास करो ॥
राम लला मंदिर में विराजे
अयोध्या में धूम मची ॥
जय रघुनंदन, जय दशरथ नंदन
मेरे प्रभु, मेरे राम ॥

राम नाम जपो

राम नाम जपो, मनवा राम नाम
दुख-दरिद्र सब मिट जाएँगे ॥
जय श्री राम, जय जय श्री राम
सीता राम, जय सीता राम ॥
अयोध्या में राजतिलक हुआ
भरत ने चरण पखारे ॥
लक्ष्मण जी ने सेवा की
शत्रुघ्न ने साथ निभाया ॥
राम राज्य में सब सुखी
कोई दुखी न रहा कोई ॥
राम नाम की ज्योत जला लो
मन मंदिर में दीप जला लो ॥
जय सिया राम, जय जय सिया राम
मेरे मन मंदिर में वास करो ॥
राम लला हम सबके प्यारे
जय श्री राम, जय जय श्री राम ॥

सीता राम का मिलन

सीता राम का मिलन, अनमोल है
प्रेम की मिसाल है ॥
वनवास में साथ निभाया
अग्नि परीक्षा दी सीता ने ॥
राम ने विश्वास जताया
लंका से लौटे दोनों ॥
अयोध्या में स्वागत हुआ
दीपावली मनाई सारी ॥
जय श्री राम, जय जय श्री राम
सीता राम, जय सीता राम ॥
राम नाम जपो दिन रात
भूल न जाना कभी ॥
राम लला मंदिर में विराजे
अयोध्या में धूम मची ॥
जय रघुनंदन, जय दशरथ नंदन
मेरे प्रभु, मेरे राम ॥

राम राज्य की जय

राम राज्य की जय, जय हो राम राज्य
सब सुखी, कोई दुखी न हो ॥
मर्यादा का पालन हो
सत्य का बोलबाला हो ॥
राम नाम का गुण गाओ
भवसागर से पार लगाओ ॥
जय श्री राम, जय जय श्री राम
सीता राम, जय सीता राम ॥
अयोध्या में मंदिर बना
राम लला विराजमान ॥
हनुमान जी की जय बोलो
सीता मइया की जय बोलो ॥
जय रघुनंदन, जय दशरथ नंदन
मेरे प्रभु, मेरे राम ॥
राम नाम जपो दिन रात
भूल न जाना कभी ॥

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