श्री शनि चालीसा
साढ़ेसाती-ढैय्या निवारण
॥ दोहा ॥
जय शनि देव दयाला,
कष्ट हरै सब त्रास।
लोहे का रथ चढ़कर,
न्याय करे तू दास ॥
चौपाई
जय शनि देव प्रभु जय शनि देव,
काला वस्त्र धारण किए हुए।
लोहे का रथ, काला घोड़ा,
तलवार हाथ में लिए हुए ॥
सूर्य पुत्र, छाया नंदन,
कर्म फल दाता महान।
साढ़ेसाती, ढैय्या देता,
पापी को देता दंड विधान ॥
शनिवार को पूजा जाता,
तेल चढ़ाया जाता है।
काले तिल, काला वस्त्र,
दान से प्रसन्न होता है ॥
जो भक्त श्रद्धा से पुकारे,
उसका कष्ट हर लेता है।
साढ़ेसाती में भी राहत दे,
ढैय्या में भी साथ निभाता है ॥
कर्मों का फल देता न्याय से,
कोई न बच पाए उसके पास से।
अच्छे कर्मों का फल देता है,
बुरे कर्मों का दंड भुगताता है ॥
शनि देव की दृष्टि भारी,
सातवीं, दशम, प्रथम दृष्टि।
जो पापी पर पड़ जाए,
उसका जीवन हो जाता कष्टमय ॥
मंद गति से चलते हो तुम,
ढाई साल एक राशि में रहते हो।
साढ़ेसाती में कष्ट देता,
कर्म सुधारने को मजबूर करता ॥
शनि जयंती पर पूजा करो,
शनि अमावस्या पर व्रत करो।
काले घोड़े पर सवार होकर,
भक्तों के संकट हर लो ॥
जो नित्य चालीसा पढ़ता है,
उसका शनि प्रसन्न हो जाता है।
साढ़ेसाती में भी राहत मिले,
ढैय्या में भी सुख पावे ॥
तेल का दीपक जलाओ शनिदेव,
काले तिल चढ़ाओ शनिदेव।
लोहे का छल्ला पहनो,
शनि दोष से मुक्ति पाओ ॥
शनि मंदिर में शीश झुकाओ,
काली उड़द का दान कराओ।
सरसों का तेल चढ़ाओ,
शनि देव की कृपा पाओ ॥
जो भक्त डरता है शनि से,
उसका शनि पीछा करता है।
जो भक्त पूजता है श्रद्धा से,
उसका शनि रक्षा करता है ॥
कर्म सुधारो, सत्य बोलो,
शनि देव का भय न रखो।
न्याय का देवता है शनिदेव,
पापी को दंड, पुण्य को फल देता है ॥
शनि चालीसा जो गाता है,
उसका बेड़ा पार हो जाता है।
साढ़ेसाती में भी सुख मिले,
जीवन में शांति बनी रहे ॥
जय शनि देव, जय जय शनि देव,
दया करो मुझ पर शनिदेव।
कष्ट हर लो, दुख मिटा दो,
चरणों में स्थान दो ॥
शनि देव की महिमा अपार,
कोई न जाने तुम्हारा पार।
कर्म फल दाता, न्यायाधीश,
भक्तों के रक्षक महान ॥
जो इस चालीसा का पाठ करे,
उसका शनि दोष मिट जाए।
साढ़ेसाती में राहत मिले,
ढैय्या में भी सुख पाए ॥
जय शनि देव दयाला,
कष्ट हरै सब त्रास।
लोहे का रथ चढ़कर,
न्याय करे तू दास ॥
शनि देव तुम हो दयालु,
भक्तों के संकट हर लो।
कृपा करो, कृपा करो,
चरणों में शीश झुकाता हूँ ॥
॥ दोहा ॥
यही फल है चालीसा का,
शनि दोष का नाश होवे।
साढ़ेसाती में राहत मिले,
जीवन में सुख की बरसात होवे ॥
जो नित्य यह चालीसा गावे,
शनि देव उस पर कृपा बरसावे।
कष्ट मिटे, सुख समृद्धि आए,
शनि भक्त का बेड़ा पार हो जाए ॥