श्री कृष्ण भजन
12 पूरे भजन — ओरिजिनल
अच्युतम केशवं कृष्ण दामोदरं
अच्युतम केशवं कृष्ण दामोदरं
राम नारायणं जानकी वल्लभम् ॥
कौस्तुभं पीतवस्त्रं वनमालाधरं
मुरली मनोहरं गोपिकावल्लभम् ॥
यमुना तट विहारी, मधुवन संचारी
गोविंद गोपाल, नंदलाल प्रियम् ॥
राधा रमण रास रचैया प्रभु
मेरे मन मंदिर में कर दो वास प्रभु ॥
बंसी बजाई, गोपियाँ नाचीं
वृंदावन में धूम मची आज सारी ॥
माखन चुराया, माखन खिलाया
यशोदा मैया ने लाड लडाया ॥
गिरधर गोपाल, नंद दुलारे
तेरे चरणों में शीश झुकाऊँ मैं ॥
हरे कृष्ण हरे राम जपता रहूँ
तेरे नाम का सुमिरन करता रहूँ ॥
यशोमती मैया से बोले नंदलाला
यशोमती मैया से बोले नंदलाला
राधा क्यों गौरी, मैं क्यों काला?
बोली जसुमति, सुनो मेरे प्यारे
तू माखन चुराने में सबसे न्यारा ॥
राधा तो गोरी, तू श्याम सलोना
दोनों मिलकर बनते अनमोल जोड़ा ॥
बंसी बजाई, गोपियाँ नाचीं
वृंदावन में धूम मची आज सारी ॥
कन्हैया कन्हैया, माखन मिश्री खा लो
मेरे लाल को मैं दूध पिलाऊँगी ॥
गोवर्धन धारी, गिरिराज उठाया
इंद्र का मान तोड़ दिया कन्हैया ने ॥
रास रचाया, प्रेम बरसाया
राधा के संग नाचे गिरधारी ॥
जय हो नंदलाल, जय हो यशोदा मइया
जय हो वृंदावन के राज दुलारे ॥
राधे राधे गोविंद गोविंद राधे
राधे राधे गोविंद गोविंद राधे
वृंदावन में धूम मची है आज राधे ॥
बंसी की तान, मुरली की धुन
गोपियाँ नाचीं, माखन चुराया कन्हैया ने ॥
रास रचाया, प्रेम बरसाया
राधा के संग नाचे गिरधारी ॥
यमुना किनारे, कदंब की छाँव में
राधा कृष्ण का मिलन हुआ आज सारा ॥
माखन मिश्री, दही चुराई
यशोदा मैया ने डाँटा कन्हैया को ॥
गोविंद मेरो है, गोपाल मेरो है
श्याम सुंदर साँवरे मेरो है ॥
नंद के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की
हाथी घोड़ा पालकी, जय कन्हैया लाल की ॥
जय राधे जय राधे, जय गोविंद राधे
जय हो वृंदावन के राज दुलारे ॥
हरे कृष्ण हरे राम
हरे कृष्ण हरे कृष्ण
कृष्ण कृष्ण हरे हरे
हरे राम हरे राम
राम राम हरे हरे ॥
नाम जपो दिन रात, भूल न जाना
कन्हैया का नाम है सबसे बड़ा खजाना ॥
बंसी बजाई, मुरली बजाई
गोपियाँ नाचीं, प्रेम लुटाया ॥
राधा रमण, रास रचैया
वृंदावन में बस गया कन्हैया ॥
माखन चोर, माखन खिलाने वाला
यशोदा का लाडला, नंद का दुलारा ॥
गोविंद गोपाल, गिरधर नागर
मेरे मन मंदिर में कर दो वास प्रभु ॥
जय जय श्री राधे, जय जय श्री श्याम
तेरे चरणों में शीश झुकाऊँ मैं ॥
हरे कृष्ण हरे राम, जपता रहूँ
तेरे नाम का सुमिरन करता रहूँ ॥
गोविंद मेरो है गोपाल मेरो है
गोविंद मेरो है गोपाल मेरो है
श्याम सुंदर साँवरे मेरो है ॥
गिरधर गोपाल, नंदलाल गोपाल
यमुना तीरे, बंसी बजाने वाला ॥
माखन चोर, मुरली मनोहर
गोपियाँ नाचीं, प्रेम बरसाया ॥
राधा रमण, रास रचैया
वृंदावन में बस गया कन्हैया ॥
यशोदा मैया का लाडला प्यारा
नंद बाबा का आनंद दुलारा ॥
गोवर्धन धारी, इंद्र को हराया
गिरिराज उठाकर सबको बचाया ॥
मुरली की धुन, मन को लुभाए
मेरे कन्हैया का नाम जपाऊँ मैं ॥
जय हो नंदलाल, जय हो यशोदा मइया
जय हो वृंदावन के राज दुलारे ॥
कृष्ण गोविंद गोविंद गोपाल नंदलाल
कृष्ण गोविंद गोविंद गोपाल नंदलाल
माखन चोर, मुरली वाला ॥
राधा रमण, रास रचैया
वृंदावन का कन्हैया ॥
बंसी बजाई, गोपियाँ नाचीं
माखन चुराया, दही चुराया ॥
यशोदा मैया ने डाँटा बहुत
फिर भी हँसता रहा मेरा कन्हैया ॥
गोवर्धन गिरि, इंद्र को हराया
सब गोपियों को बचाया ॥
रास रचाया, प्रेम बरसाया
राधा के संग नाचे गिरधारी ॥
नंद के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की
हाथी घोड़ा पालकी, जय कन्हैया लाल की ॥
जय जय श्री राधे, जय जय श्री श्याम
तेरे चरणों में शीश झुकाऊँ मैं ॥
नंद के आनंद भयो जय कन्हैया लाल की
नंद के आनंद भयो जय कन्हैया लाल की
हाथी घोड़ा पालकी जय कन्हैया लाल की ॥
यशोदा के लाल, नंदलाल
वृंदावन में बज रही बधाई ॥
माखन मिश्री, दही चुराई
गोपियाँ नाचीं, बंसी बजाई ॥
राधा रमण, रास रचैया
प्रेम की गंगा बहाई ॥
गोविंद गोपाल, गिरधर नागर
मेरे मन मंदिर में वास करो ॥
मुरली मनोहर, श्याम सुंदर
तेरे दर्शन को तरसता हूँ मैं ॥
जय हो नंदलाल, जय हो यशोदा मइया
जय हो वृंदावन के राज दुलारे ॥
हरे कृष्ण हरे राम, जपता रहूँ
तेरे नाम का सुमिरन करता रहूँ ॥
श्री कृष्ण गोविंद हरे मुरारी
श्री कृष्ण गोविंद हरे मुरारी
हे नाथ नारायण वासुदेवा ॥
एक बार जो प्रभु का नाम ले ले
उसका बेड़ा पार हो जाता है ॥
बंसी बजाई, मुरली बजाई
गोपियाँ नाचीं, प्रेम लुटाया ॥
राधा रमण, रास रचैया
वृंदावन में बस गया कन्हैया ॥
माखन चोर, माखन खिलाने वाला
यशोदा का लाडला, नंद का दुलारा ॥
गोवर्धन धारी, इंद्र को हराया
गिरिराज उठाकर सबको बचाया ॥
मुरली की धुन, मन को लुभाए
मेरे कन्हैया का नाम जपाऊँ मैं ॥
जय जय श्री राधे, जय जय श्री श्याम
तेरे चरणों में शीश झुकाऊँ मैं ॥
राधा रानी हमारे मन बसो
राधा रानी हमारे मन बसो
माखन मिश्री चुरा लो ॥
कन्हैया कन्हैया पुकारो
गोविंद गोपाल बुलाओ ॥
बंसी बजाई, मुरली बजाई
गोपियाँ नाचीं, प्रेम बरसाया ॥
रास रचाया, राधा के संग
वृंदावन में धूम मचाई ॥
यशोदा मैया का लाडला प्यारा
नंद बाबा का आनंद दुलारा ॥
माखन चोर, माखन खिलाने वाला
मेरे मन मंदिर में वास करो ॥
जय हो नंदलाल, जय हो यशोदा मइया
जय हो वृंदावन के राज दुलारे ॥
हरे कृष्ण हरे राम, जपता रहूँ
तेरे नाम का सुमिरन करता रहूँ ॥
मुरली मनोहर श्याम सुंदर
मुरली मनोहर श्याम सुंदर
गिरधर गोपाल, नंद दुलारे ॥
बंसी की धुन, रास रचैया
वृंदावन में नाचे कन्हैया ॥
माखन चुराया, दही चुराया
यशोदा मैया ने डाँटा बहुत ॥
फिर भी हँसता रहा मेरा कन्हैया
गोपियाँ नाचीं, प्रेम बरसाया ॥
राधा रमण, रास रचैया
मेरे मन मंदिर में वास करो ॥
गोविंद गोपाल, गिरधर नागर
तेरे चरणों में शीश झुकाऊँ मैं ॥
जय जय श्री राधे, जय जय श्री श्याम
तेरे नाम का सुमिरन करता रहूँ ॥
कृष्णा कृष्णा हरे हरे
कृष्णा कृष्णा हरे हरे
राधे राधे श्याम मिला दे ॥
मन मंदिर में बस जा रे
मेरे कन्हैया, मेरे प्यारे ॥
बंसी बजाई, मुरली बजाई
गोपियाँ नाचीं, माखन चुराया ॥
रास रचाया, प्रेम बरसाया
राधा के संग नाचे गिरधारी ॥
यशोदा मैया का लाडला प्यारा
नंद बाबा का आनंद दुलारा ॥
माखन चोर, मुरली मनोहर
मेरे मन में बस जा रे कन्हैया ॥
जय हो नंदलाल, जय हो यशोदा मइया
जय हो वृंदावन के राज दुलारे ॥
जय राधा रमण हरी बोल
जय राधा रमण हरी बोल
जय राधा रमण हरी बोल ॥
बृज की गलियों में घूमे कन्हैया
राधा के संग रास रचाए ॥
माखन मिश्री, दही चुराई
गोपियाँ नाचीं, बंसी बजाई ॥
यशोदा मैया ने लाड लडाया
नंद बाबा ने गले लगाया ॥
गोविंद गोपाल, गिरधर नागर
मेरे मन मंदिर में वास करो ॥
मुरली की धुन, मन को लुभाए
मेरे कन्हैया का नाम जपाऊँ मैं ॥
जय जय श्री राधे, जय जय श्री श्याम
तेरे चरणों में शीश झुकाऊँ मैं ॥
हरे कृष्ण हरे राम, जपता रहूँ
तेरे नाम का सुमिरन करता रहूँ ॥