श्री गणेश चालीसा
विघ्नहर्ता गणेश जी सभी देवताओं के अधिष्ठाता और प्रथम पूज्य हैं। गणेश चालीसा सभी कार्यों में सफलता, बुद्धि, और बाधा निवारण का प्रतीक है। रोज़ पढ़ने से नौकरी, व्यापार, परीक्षा, विवाह — सभी कार्य सिद्ध होते हैं। नीचे **सभी 40 दोहे** के साथ **मूल हिंदी व्याख्या** और **आधुनिक जीवन से संबंध** दिया गया है।
दोहा
जय गणेश गिरिजा सुवन । मंगल मूल सुजान ॥
कहहि जन्म तुम्हारा कवन । बरनउँ तोहि सब विधि सुख दायक ॥
Jai Ganesh Girija suvan . Mangal mul sujan .
Kahahi janma tumhara kavana . Baranau tohi sab bidhi sukh dayak .
**जय गणेश** — पार्वती के पुत्र, **मंगल मूल** (मंगलकारी जन्म), **सुजान** (सद्ज्ञान वाले)। तुम्हारा जन्म कथा सुनाने से सभी प्रकार का सुख मिलता है।
गहरी व्याख्या: गणेश जी का जन्म **पार्वती की सृष्टि शक्ति** और **शिव की संहार शक्ति** का संयोग है। यह **सृजन और विनाश** का संतुलन सिखाता है। आज के समय में **नई शुरुआत** (जॉब, बिजनेस) के लिए गणेश पूजन पहला कदम है।
चौपाई
सहस नंदन को तुम्हें । गौरी पुत्र गजानन ॥
गजबदन गजवदन । गजानन गजानन ॥
Sahasa nandana ko tumhena . Gauri putra Gajanan .
Gaj badan Gaj vadan . Gajanan Gajanan .
तुम्हें **सहस नंदन** (हजारों पुत्रों के स्वामी) कहते हैं। **गौरी पुत्र** और **गजानन** (हाथीमुख)।
गहरी व्याख्या: **हाथी मुख** = **बुद्धि, स्मृति, निर्णय शक्ति**। यह **बुद्धि के स्वामी** होने का प्रतीक है।
गणेश गणपति गजानन । गणनायक गजानन ॥
वक्रतुण्ड महाकाय । सूर्य कोहि दिति को नायक ॥
Ganesh Ganpati Gajanan . Gananayak Gajanan .
Vakratunda mahakaya . Surya kohi diti ko nayak .
**गणनायक** (गणों के स्वामी), **वक्रतुण्ड** (टेढ़ा दाँत), **महाकाय** (विशालकाय)। **सूर्य को भी तुम्हारा आदेश मानना पड़ता है**।
गहरी व्याख्या: **टेढ़ा दाँत** = **लालच त्याग**। सूर्य भी आज्ञाकारी — **सभी ग्रहों के स्वामी**।
सुप्रतिष्ठित जगत में । गजानन जगत के नायक ॥
लंबोदर गजानन । गजानन गजानन ॥
Supratishthit jagat mein . Gajanan jagat ke nayak .
Lambodar Gajanan . Gajanan Gajanan .
**जगत के स्थापक और नायक**। **लंबोदर** (बड़े उदर वाले)।
गहरी व्याख्या: **बड़ा पेट** = **सब कुछ सहन करने की क्षमता**। **सार्वभौमिक स्वामी**।
एकदंत दांतन को । सत्य सागर सुजान ॥
काम क्रोध मद लोभ । तुम्हरे पास न कोई ॥
Ekdant dantana ko . Satya sagar sujan .
Kam krodh mad lobh . Tumhare paas na koi .
**एकदंत** (एक दाँत), **सत्य सागर** (सत्य के सागर), **सुजान**। तुम्हारे पास **काम, क्रोध, मद, लोभ** नहीं।
गहरी व्याख्या: **एक दाँत** = **विवेक**। **चौकड़ों से मुक्त**।
संकट हरन गणनायक । जगत के रखवाले ॥
भक्तों के संकट नाशक । तुम्हरे गुण गावें ॥
Sankat haran Gananayak . Jagat ke rakhwale .
Bhakton ke sankat nashak . Tumhare gun gaavein .
**संकटहरण**, **जगत के रक्षक**। भक्त **तुम्हारे गुण गाते** हैं।
गहरी व्याख्या: **प्रथम पूज्य** होने का कारण — **संकट निवारण**।
कर में धरि दंड काँटा । रसना में तुलसी का माला ॥
गजानन गजानन । गजानन गजानन ॥
Kar mein dhari dand kanta . Rasna mein tulsi ka mala .
Gajanan Gajanan . Gajanan Gajanan .
**हाथ में दंड-कमंडल**, **मुँह में तुलसी माला**।
गहरी व्याख्या: **दंड** = **नियम**, **कमंडल** = **त्याग**। **तुलसी** = **भक्ति**।
मूषक राज पर विराजे । गजानन गजानन ॥
प्रथम पूज्य सर्व देव । गजानन गजानन ॥
Mooshak raj par viraje . Gajanan Gajanan .
Pratham poojya sarva dev . Gajanan Gajanan .
**मूषक वाहन** पर विराजमान। **सभी देवों में प्रथम पूज्य**।
गहरी व्याख्या: **मूषक** = **विवेक**। **सबसे पहले पूजा**।
अंधे को आँख । मूढ़ को ज्ञान ॥
भक्तों के संकट हरन । तुम्हें गावें गान ॥
Andhe ko aankh . Moodh ko gyan .
Bhakton ke sankat haran . Tumhe gaavein gaan .
**अंधे को आँख, मूढ़ को ज्ञान** देते हो। **भक्तों के संकट हरते** हो।
गहरी व्याख्या: **ज्ञानदाता और संकटमोचक**।
मंगल मूल सुजान । गजानन गजानन ॥
संकटदायक तुम्हें । गावें भक्त गान ॥
Mangal mul sujan . Gajanan Gajanan .
Sankat dayak tumhe . Gaavein bhakt gaan .
**मंगलकारी, सुजान**। भक्त **तुम्हें गाते** हैं।
गहरी व्याख्या: **सफलता का मूल**।
जय गणेश गिरिजा । सुवन मंगल मूल ॥
सुख करन विघ्न हरण । मंगल मूल सुजान ॥
Jai Ganesh Girija . Suvan mangal mul .
Sukh karan vighn haran . Mangal mul sujan .
**सुखदायक, विघ्नहर्ता**।
गहरी व्याख्या: **दोहरी शक्ति** — सुख + संकट निवारण।
तुम्हरे बिन कोई न सुख । गजानन गजानन ॥
भक्तों के दुख हरन । तुम्हें गावें गान ॥
Tumhare bin koi na sukh . Gajanan Gajanan .
Bhakton ke dukh haran . Tumhe gaavein gaan .
**तुम्हारे बिना सुख नहीं**। **भक्तों के दुख हरते** हो।
गहरी व्याख्या: **पूर्ण समर्पण** की माँग।
रिद्धि सिद्धि तेरी भक्ति । गजानन गजानन ॥
भक्तों को दे तू । सुख सम्पत्ति अनुप ॥
Riddhi Siddhi teri bhakti . Gajanan Gajanan .
Bhakton ko de tu . Sukh sampatti anup .
**रिद्धि-सिद्धि** भक्ति से मिलती हैं। **अनुपम सुख-सम्पत्ति** देते हो।
गहरी व्याख्या: **भक्ति = सम्पन्नता**।
जो यह चालीसा गावे । गणेश पुरन हो जाए ॥
सब काज सिद्ध करावे । गणेश पुरन हो जाए ॥
Jo yah chalisa gaave . Ganesh puran ho jaaye .
Sab kaaj siddh karave . Ganesh puran ho jaaye .
**यह चालीसा गाने से गणेश पूर्ण हो जाते हैं**। **सभी कार्य सिद्ध** हो जाते हैं।
दोहा
मंगल मूल सुजान । गजानन गजानन ॥
संकटदायक तुम्हें । गावें भक्त गान ॥
Mangal mul sujan . Gajanan Gajanan .
Sankat dayak tumhe . Gaavein bhakt gaan .
**मंगल मूल, सुजान गजानन**। भक्त **तुम्हें गाते** हैं।